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PradhanMantri Fasal Bima Yojana - PMFBY

PradhanMantri Fasal Bima Yojana

दोस्तों केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PradhanMantri Fasal Bima Yojana) पुरे देश के किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। यह योजना कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग के माध्यम से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, कृषि भवन नई दिल्ली द्वारा क्रियान्वित की जाती है।

योजना के उद्देश्य –

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PradhanMantri Fasal Bima Yojana) से किसानों की फसल का बीमा किया जाता है। किसानों की फसल को होने वाली हानियों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है ।  किसानो की आमदनी को सुनिश्चित किया जाता है जिससे वे आर्थिक रूप से मजबूत हो सके। किसानो को नए -नए वैज्ञानिक तकनीकों से परिचित किया जाता है जिससे वे उत्पादन बढ़ा सके। किसानों को कृषि ऋण चक्र की चिंता से मुक्त रखकर उनकी फसल को सुरक्षा प्रदान की जाती है । किसानो को उनके खाद्यानों की सुरक्षा, विभिन्न फसलों का उत्पादन और प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए तैयार किया जाता है ।

किसानों का बीमा कवर  –

  1. योजना का लाभ सभी किसान, बटाईदार और काश्तकार ले सकते है। बशर्ते उनका अधिसूचित क्षेत्रों और फसलों का बीमा होना चाहिए।
  2. ऋण नहीं लेने वाले काश्तकार और बटाईदारों के पास राज्य के द्वारा अधिसूचित क्षैत्र और फसलों के स्वामित्व के कागजात होने चाहिए। ऋण नहीं लेने वाले किसानों के लिए यह योजना ऐच्छिक है।
  3. ऋण लेने वाले किसानों को अनिवार्य रूप से बीमा कवर में शामिल किया जायेगा।
  4. SC/ST महिला किसानो को योजना में विशेष रूप से लाने के प्रयास किये जाते है।

फसलों का बीमा कवर –

  1. मोटे अनाज और दलहन फसलें
  2. तिलहन फसलें
  3. वार्षिक व्यावसायिक फसलें /बागवानी

बीमा जोखिमों का कवर –

  1. यह बीमा बुआई या रोपण के समय होने वाली आपदाओं को कवर करता है।
  2. खड़ी फसलों की सुरक्षा को कवर करता है। सूखा, फसलों की बिमारियों, जलभराव, भू – स्खलन, प्राकृतिक आग लगना, बिजली गिरना, ओला वृष्टि, चक्रवात, आंधी, समुद्री तूफान, भँवर और बवंडर जैसी प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान कवर करता है।
  3. फसलों की कटाई के बाद भी बीमा कवर करता है। कटाई के बाद दो सप्ताह तक प्राकृतिक विपदाओं से होने वाले नुकसान कवर करता है।
  4. विभिन्न अधिसूचित क्षैत्रों में भू स्खलन, चक्रवात, जलभराव से होने वाले नुकसान कवर करता है।
  5. युद्ध, नाभिकीय जोखिमों से होने वाली हानियाँ, दुर्भावनावश किये गए नुकसान को इस योजना में शामिल नहीं किया  गया है। 

बीमा प्रीमियम  –

  1. मोटे अनाज और दलहन फसलों के लिए कुल बीमित राशि की 2 प्रतिशत राशि बीमा प्रीमियम रहती है। 
  2. तिलहन फसलों के लिए कुल बीमित राशि की  1.50 प्रतिशत राशि बीमा प्रीमियम रहती है। 
  3. वार्षिक व्यावसायिक फसलें /बागवानी में कुल बीमित राशि की 5 प्रतिशत बीमा प्रीमियम रहती है। 

उक्त योजना के समुचित क्रियान्वयन के लिए www.agri-insurance.gov.in पोर्टल बनाया है। 

 

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