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Pradhan Mantri Awas Yojana

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) Pradhan Mantri Awas Yojana (Urban) 25 जून 2015 में लागु की गयी थी। योजना का लक्ष्य सन 2022 तक ‘शहरी क्षेत्रों में निवास करने वाले सभी परिवारों को स्वयं का पक्का आवास दिलाना है।

यह भारत जैसे लोकतान्त्रिक देश में सबसे बड़ी योजना के रूप कार्य कर रही है। इस योजना में लगभग 1 करोड़ 12 लाख परिवारों को आवास हेतु मदत का लक्ष्य है। योजना में महिलाओ के स्वामित्व या सह स्वामित्व, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसचित जनजाति (ST) को प्राथमिकता दी गयी है।

PMAY (U) की चार श्रेणियाँ

Pradhan Mantri Awas Yojana (Urban) आमदनी, वित्तीय स्थिति और भूमि की उपलब्धता के आधार चार प्रकार से परिवारों तक पहुंचाई जाती है –

  1. In-situ Slum Redevelopment (ISSR) के तहत झुग्गी – झोपड़ियों में रहने वाले शहरी परिवारों  के पुनर्वास के लिए  1 लाख रुपये की केंद्रीय सहायता दी जाती है । 
  2. Credit Linked Subsidy Scheme (CLSS) –
  • आर्थिक रूप से कमजोर Economically Weaker section (EWS)  श्रेणी जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक हो।
  • निम्न आय समूह Low Income Group (LIG) परिवार जिनकी आय 3 लाख से 6 लाख के बीच हो ।
  • मध्यम आय समूह (MIG I) जिनकी आय 6 लाख से 12 लाख के बीच हो।  
  • मध्यम आय समूह (MIG II) जिनकी आय 12 से 18 लाख के बीच हो।

इन सभी समूहों को आवास की लिए वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने पर 2 लाख 67 हजार की ब्याज में छूट दी जाती है।  यह सब्सिडी EWS, LIG, MIG I और MIG II को  60 वर्ग मीटर, 160 वर्ग मीटर, और 200 वर्ग मीटर के निर्माण हेतु लिए गए 6 लाख, 9  और 12 लाख के ऋण पर क्रमशः 6.50 %, 4.00 %, 3.00 % की रहेगी। 

  1. Affordable Housing in Partnership (AHP) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) श्रेणी को भारत सरकार की साझेदारी परियोजनाओं के अंतर्गत 1.50 लाख रुपये की सहायता दी जाती है । ऐसी परियोजनाओं में 35 % से अधिक घर EWS श्रेणी के रहते है । 
  2. Beneficiary-led Individual house Construction / Enhancements (BLC) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) श्रेणी को 1.50 लाख रूपए की सहायता नए मकान या कच्चे मकान को पक्का करने हेतु प्रदान की जाती है।  इसके अंतर्गत पक्के मकान जिनमे कमरा, रसोईघर, शौचालय, स्नानघर में से किसी सुविधा की कमी हो तो यह बनाने के लिए राशि देने का प्रावधान भी है। 

CLSS Awas Portal (CLAP) – https://pmayuclap.gov.in/

Credit Linked Subsidy Scheme (CLSS)  के समुचित वेब आधारित क्रियान्वयन हेतु भारत सरकार ने National Informatics Center (NIC) और Central Nodal Agencies (CNAs) के माध्यम वेब पोर्टल विकसित किया है।

इस पोर्टल के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ CLSS का क्रियान्वयन किया जाता है। लाभार्थी पोर्टल के माध्यम से आवेदन की ID जारी कर सकते है। उनके आवेदनों को ट्रैक कर सकते है। सब्सिडी को कैलकुलेट कर सकते है।

CLAP पर पंजीयन के बाद पोर्टल द्वारा SMS के माध्यम से कर्जदार और सह कर्जदार को सन्देश के माध्यम से सुचना दी जाती है । borrower /co-borrower को आवेदन ट्रैक करने बैंक नहीं जाना पड़ता है।

कर्जदार और सह कर्जदार के लिए Credit Linked Subsidy Scheme (CLSS) ट्रैकर निम्न प्रकार से काम करता है – 

  1. Application  ID Generated
  2. Due diligence by PLI
  3. Claim uploaded on Central Nodal Agency Portal
  4. Subsidy claim approved
  5. Subsidy released to PLI

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